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जानें क्या है सरकार का स्वरूप और संघ कार्यपालिका -(राष्ट्रपति)

भारतीय संविधान ने भारत में संसदीय सरकार की स्थापना की है अमेरिका में सरकार का स्वरूप अध्यक्षात्मक है। यह बिल्कुल सन्तरे की तरह होता है जो ऊपर से तो एक जैसा दिखता है, परन्तु अन्दर से सारे पार्ट अलग – अलग होते है संसदीय सरकार में राष्ट्रपति सांविधानिक अध्यक्ष होता है, लेकिन वास्तविक शक्ति मंत्री परिषद में निहित होती है जिसका प्रधान, प्रधानमंत्री होता है। मंत्रीपरिषद, लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है यद्यपि अनु.(अनुच्छेद) – 53 द्वारा संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित की गयी है। लेकिन अनु. 74 में यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि उसका प्रयोग मंत्रीपरिषद की सहायता और मन्त्रणा से ही करेगा। इसके अतिरिक्त अनु. 79 के अधीन संसद, राष्ट्रपति, दो सदनों (राज्यसभा, लोकसभा) से मिलकर बनती है। एक ओर राष्ट्रपति कार्यपालिका के अधिकारों से निदिष्ट है, दूसरी ओर वे विधायिका के अभिन्न अंग है।
राज्य के दो स्तंभों :-
कार्यपालिका एवं विधायिका का मिलन राष्ट्रपति में होता है। जहाँ तक न्यायापालिका का प्रश्न है। सर्वोच्च एवं उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों एवं न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति अनु. 124 के अधीन करते है। उनकों पदच्युत करने का अधिकार भी विधिवत् प्रक्रिया के पश्चात केवल राष्ट्रपति को है। जल, थल एवं वायु सेनाओं के सर्वोच्च सेनाधिपति भी राष्ट्रपति है।
भारत का राष्ट्रपति :- अनु. 52 यह उपबन्धित करता है कि भारत का एक राष्ट्रपति होगा। अनु. 53 यह कहता है कि संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होगी। और वह इसका प्रयोग इस संविधान के अनुसार या तो स्वयं या अपने अधीनस्थ अधिकारी के द्वारा करेगा।
ब्ेंम एम्परर बनाम शिवनाथ ।प्त् 1955
के मामले में यह अभिनिर्धारित किया गया कि ‘‘ अधीनस्थ अधिकारियों’’ की पदावली के अन्तर्गत एक मंत्री भी शामिल है।
ब्ेंम राम जवाया बनाम पंजाब राज्य ।प्त् 1955
इस मामले में उच्चतम न्यायालय में यह अवलोकन किया है कि कार्यपालिका शक्ति केवल कानूनों के लागू करने तक ही सीमित नहीं है वरन इसके अन्तर्गत – सरकारी नीति का निर्धारण, शान्ति व्यवस्था बनाये रखना, सामाजिक और आर्थिक कल्याण की अभिवृद्धि, वैदशिक नीति का निदेशन, देश के सामान्य प्रशासन का निरीक्षण भी सम्मिलित है।

राष्ट्रपति पद के लिए योग्यताऐंः-

प्रत्याशी भारत का नागरिक हो।
वह 35 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुका हो।
वह लोकसभा का सदस्य होने की योग्यता रखता हो।
वह कोई लाभ का पद धारण न करता हो।
राष्ट्रपति का निर्वाचनः- राष्ट्रपति का निर्वाचन एक निर्वाचक मण्डल के सदस्य करते है। जिसमें शामिल होते है –

लोकसभा और राज्यसभा के निर्वाचित सदस्य।
राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और पुदुचेरी संघ राज्य क्षेत्र की विधान सभा के सदस्य (इनको 1992 में 70 वें संषोधन द्वारा जोड़ा गया)
निर्वाचन प्रक्रिया :-

राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया के संबंध में अनु. 55 में प्रावधान किया गया है जिसके अनुसार राष्ट्रपति का निर्वाचन आनुपातिक प्रतिनिधित्व के अनुसार एकल संक्रमणीय मत पद्धति द्वारा किया जाता है।

अब तक के भारत के राष्ट्रपति

डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद – 26 जनवरी 1950 से 13 मई 1962 तक ।
डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन – 13 मई 1962 से 13 मई 1967 तक।
डॉ0 जाकिर हुसैन – 13 मई 1967 से 03 मई 1969 तक।
वी.वी. गिरि – 03 मई 1969 से 20 जुलाई 1969 (कार्यवाहक)
न्यायामूर्ति. एम. हिदायतुल्ला – 20 जुलाई 1969 से 24 अगस्त 1969 (कार्यवाहक)
वी.वी. गिरि – 24 अगस्त 1969 से 24 अगस्त 1974 तक।
फखरूद्दीन अली अहमद – 24 अगस्त 1974 से 11 फरवरी 1977 तक।
बी.डी. जत्ती – 11 फरवरी 1977 से 25 जुलाई 1977 (कार्यवाहक)
नीलम संजीव रेड्डी – 25 जुलाई 1977 से 25 जुलाई 1982 तक।
ज्ञानी जैल सिंह – 25 जुलाई 1982 से 25 जुलाई 1987 तक।
आर. वेंकटरमण – 25 जुलाई 1987 से 25 जुलाई 1992 तक।
डॉ0 शंकरदयाल शर्मा – 25 जुलाई 1992 से 25 जुलाई 1997 तक।
डॉ0 के.आर. नारायणन – 25 जुलाई 1997 से 25 जुलाई 2002 तक।
डॉ0 ए.पी.जे. अब्दुल कलाम – 25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 तक।
प्रतिभा पाटिल – 25 जुलाई 2007 से 25 जुलाई 2012 तक।
प्रणव मुखर्जी – 25 जुलाई 2012 से 25 जुलाई 2017 तक।
रामनाथ कोविंद – 25 जुलाई 2017 से आजतक (वर्तमान) फोटो इन्टरनेट