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अब हर घर के लिए जरूरी हुई घरौनी, 11 अक्टूबर को इन 37 जिलों में पीएम मोदी बांटेंगे घरौनी प्रमाण पत्र,

लखनऊ. खतौनी की तर्ज पर अब राजस्व गांवों के आबादी भूमि पर बने घरों की घरौनी बनेगी और यह हर घर के लिए जरूरी होगी। स्वामित्व योजना के तहत गांव की आबादी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को दी जाने वाली इस घरौनी (ग्रामीण आवासीय अभिलेख) में उसकी आवासीय संपत्ति का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। जिससे की संपत्ति पर अवैध कब्जे को लेकर झगड़े-फसाद की गुंजाइश न रहे। ग्रामीणों को घरौनी मुहैया कराने की प्रक्रिया को अमली जामा पहनाने के लिए शासन ने उत्तर प्रदेश आबादी सर्वेक्षण एवं अभिलेख संक्रिया नियमावली 2020 को अधिसूचित कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को ‘स्वामित्व योजना’ (Swamitva Yojna) के अंतर्गत ग्रामीणों को घरौनी प्रमाण पत्र (Gharauni Certificate) बांटेंगे। राजस्व परिषद की ओर से इस संबंध में जिलाधिकारियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के अंतर्गत इस समय प्रदेश भर में आबादी का रिकार्ड (घरौनी) तैयार किया जा रहा है। इस प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड को एक कार्ड के रूप में लाभार्थियों को उपलब्ध कराया जाना है। केंद्र सरकार ने 11 अक्टूबर को इस घरौनी कार्ड के वितरण का कार्यक्रम तय किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल रूप में प्रॉपर्टी रिकॉर्ड चुनिंदा लाभार्थियों को एक वर्चुअल कार्यक्रम में बांटेंगे। प्रदेश के गोरखपुर, वाराणसी, फतेहपुर, गोंडा, गाजीपुर, देवरिया, चंदौली, चित्रकूट, बहराइच, बस्ती, बाराबंकी, बांदा, बलरामपुर, बलिया, आजमगढ़, अयोध्या, अमेठी, अंबेडकर नगर, मऊ, हमीरपुर, जालौन, जौनपुर, झांसी, कौशांबी, कुशीनगर, ललितपुर, महाराजगंज, महोबा, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, भदोही, संतकबीर नगर, श्रावस्ती, सिद्धार्थ नगर, सोनभद्र व सुल्तानपुर जिलों में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

इन जिलों के डीएम से कहा गया है कि वे 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के साथ-साथ अथवा 24 घंटे के भीतर अपने-अपने जिलों में कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग आदि सावधानियों को ध्यान में रखते हुए जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संबंधित लाभार्थियों को प्रॉपर्टी कार्ड का वितरण सुनिश्चित कराएंगे। राजस्व परिषद के भूमि व्यवस्था आयुक्त भीष्म लाल वर्मा ने इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।ग्रामीणों को पहली बार मिलने जा रही घरौनी में संपत्ति के स्वामी का जिला, तहसील, ब्लॉक, थाना, ग्राम पंचायत का नाम दर्ज होगा। ग्राम कोड और गांव के नाम का भी उल्लेख होगा। इसमें सर्वेक्षण वर्ष भी अंकित किया जाएगा। संपत्ति का आबादी गाटा संख्या और भूखंड संख्या भी दर्ज होगा। प्रत्येक भूखंड का 13 अंकों का यूनिक आईडी नंबर भी इसमें अंकित किया जाएगा। संपत्ति के वर्गीकरण को भी इसमें दर्शाया जाएगा। जिससे पता चले कि संपत्ति किस श्रेणी या उप श्रेणी की है। आवासीय भूखंड का क्षेत्रफल (वर्ग मीटर में) और उसकी सभी भुजाओं की संख्या और उनकी लंबाई भी खरौनी में दर्ज होगी। भूखंड की चौहद्दी का भी इसमें उल्लेख होगा।तैयार हो रहा आबादी का रिकॉर्ड

ये होंगी नौ कैटेगरी- केंद्र सरकार के विभाग, निगम, प्राधिकरण आदि के भवन, भूमि – राज्य सरकार के विभाग, निगम आदि के भवन और भूमि – अर्ध सरकारी संस्थाओं के भवन और भूमि, – सहकारी संगठन, स्वयं सहायता समूह के भवन व भूमि, – ग्राम पंचायत/स्थानीय निकाय के भवन व भूमि, – निजी/व्यक्तिगत/पारिवारिक भवन व भूमि, – निजी कंपनी, कॉरपोरेशन, फर्म आदि के भवन व भूमि, – न्याय व धर्मार्थ संस्थाओं, एनजीओ के भवन व भूमि, – अन्य भवन व भूमि

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