स्वास्थ्य

विश्व गर्भनिरोधक दिवस (26 सितंबर) पर विशेष महिलाओं मे कापर-टी और पुरुषों मे कंडोम की बढ़ी मांग

माला एन और छाया गोली को भी लोगों ने किया पसंद
गर्भ निरोधक साधनों के बारे में चर्चा कर लोगों तक किट पहुंचाएंगी आशा

रिपोर्ट, दिनेश शर्मा न्यूज़ प्लस इन्डिया 

बहराइच 25 सितंबर 2020; जब तक माता-पिता न चाहें बच्चे का जन्म न हों यानि अनचाहे गर्भ का बोझ परिवार को न उठाना पड़े, इसके लिए प्रत्येक वर्ष 26 सितंबर को पूरे विश्व मे गर्भनिरोधक दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को परिवार नियोजन की आधुनिक विधियों के प्रति जागरूक करना है। अनचाहे गर्भ से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग के पास “बास्केट ऑफ च्वाइस” मौजूद है, लोग अपनी सुविधा अनुसार उसमें से कोई भी साधन अपना सकते हैं ताकि अनचाहे गर्भ धारण की समस्या से बचने के साथ ही माँ-बच्चे की मुस्कान भी बनी रहे।
परिवार नियोजन नोडल अधिकारी डॉ योगिता जैन ने बताया कि गर्भ निरोधक साधनों की मौजूदगी के बाद भी अनचाहे गर्भधारण की स्थिति ठीक नहीं है। देश में हर साल होने वाले करीब 16 मिलियन गर्भपात में से 75 फीसद महिलाओं को सुरक्षित गर्भपात की सुविधा नहीं मिल पाती, इस बड़े जोखिम से उनको उबारना जरूरी है । उन्होने बताया इसके लिए जनपद के सभी सामुदायिक केन्द्रों पर आशा किट का वितरण किया जा रहा है। एक आशा किट मे 30 पैकेट कंडोम, 3 पैकेट माला एन गोली, 2 स्ट्रिप आपातकालीन गोली एवं 2 पैकेट प्रेग्नेसी टेस्ट किट दिया जा रहा है।
पसंद के अनुसार उपलब्ध होंगे साधन –
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुरेश सिंह ने बताया कि विश्व गर्भनिरोधक दिवस के अवसर पर आशा कार्यकर्ता उन दम्पत्तियों से अवश्य बात करेंगी जिनको परिवार नियोजन की आवश्यकता है। ऐसे लक्षित दम्पत्तियों को उनकी पसंद के अनुसार गर्भ निरोधक साधनों जैसे-माला-एन, छाया, इमरजेंसी पिल्स एवं कंडोम उपलब्ध कराएंगी । इसके अलावा जो महिलाएं अंतरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन की सुविधा लेना चाहती हों उनको आशा स्वास्थ्य इकाई तक लेकर जायेंगी । ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) सत्र के दौरान गर्भ निरोधक गोलियां (माला-एन, छाया) और कंडोम उपलब्ध कराएंगी और जरूरी परामर्श भी देंगी । इसके साथ ही वह हर दंपत्ति को प्रेरित करेंगी कि वह गर्भ निरोधक साधन का इस्तेमाल करें ताकि अनचाहे गर्भ और गर्भपात की कोई सम्भावना न रहे क्योंकि अनचाहा गर्भ परिवार के सपनों और संसाधनों को सीमित करता है।
-जरूरी है बात करना
इस दौरान प्रचार-प्रसार सामग्री भी प्रदर्शित की जाएगी। तथा इस बात पर जोर होगा कि लोग खुलकर अपनी बात रख सकें और अपने सुनहरे भविष्य को ध्यान में रखते हुए कोई न कोई साधन अपनाने के लिए खुद से आगे आयें।
क्या कहते हैं आंकड़े –
एचएमआईएस के अप्रैल से अगस्त तक के आंकड़ों केअनुसार कापर-टी के मामले मे पिछले साल की अपेक्षा 256 प्रतिशत कि वृद्धि , प्रसव पश्चात कापर-टी मे 57 प्रतिशत कि वृद्धि , गर्भनिरोधक गोली के इस्तेमाल मे 202 प्रतिशत वृद्धि, छाया गोली मे 185 प्रतिशत वृद्धि तथा पुरुषों मे कंडोम के इस्तेमाल मे 149 प्रतिशत बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है ।

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