स्वास्थ्य

राष्ट्रीय डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत वृद्धा आश्रम में स्वास्थ्य शिविर आयोजित

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने वृद्धा आश्रम में मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सा व जागरूकता शिविर का आयोजन किया

रिपोर्ट, दिनेश शर्मा न्यूज़ प्लस इन्डिया 

बहराइच 24 सितंबर 2020; विश्व अल्ज़ाइमर्स दिवस के अवसर पर 21 से 27 सिंतबर राष्ट्रीय डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम मे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम ने वृद्धा आश्रम में मानसिक स्वास्थ्य चिकित्सा व जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया । जिसमें वृद्धजनों को पुनः उपचार प्रदान करके दवा वितरित की गई तथा नये वृद्धजनों का मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण करके परामर्श प्रदान किया गया।
मेडिकल कालेज बहराइच के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ विजित जायसवाल ने बताया डिमेंशिया भूलने की बीमारी पर नियंत्रण पाने के लिए जरूरी है कि शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक रूप से अपने को स्वस्थ रखें । नकारात्मक विचारों को मन पर प्रभावी न होने दें और सकारात्मक विचारों से मन को प्रसन्न बनाएं। पसंद का संगीत सुनने, गाना गाने, खाना बनाने, बागवानी करने, खेलकूद आदि जिसमें सबसे अधिक रुचि हो, उसमें मन लगायें तो यह बीमारी नहीं घेर सकती । इसके अलावा नियमित रूप से व्यायाम और योगा को अपनाकर इससे बचा जा सकता है । दिनचर्या को नियमित रखें क्योंकि अनियमित दिनचर्या इस बीमारी को बढ़ाती है । धूम्रपान और शराब से पूरी तरह से दूरी बनाना ही हित में रहेगा । यदि डायबिटीज या कोलेस्ट्रोल जैसी बीमारी है तो उसको नियंत्रित रखने की कोशिश करें । इस मौके पर मानसिक स्वास्थ्य टीम ने हठीले मे स्थित वृद्धाश्रम के वृद्धजनों व वृद्धा आश्रम कार्यालय के कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य, डिमेंशिया के लक्षणों व मनोवैज्ञानिक परिवर्तन के बारे में जागरूक किया गया तथा वृद्ध जनों को फल आहार भी वितरित किया गया।
इस अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य विभाग की टीम राज कुमार महतो (साइकियाट्रिक सोशल वर्कर) , मुकेश कुमार हंस (मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिसर), सीमा कुमारी (कम्युनिटी नर्स), सुमित कुमार ( साइकियाट्रिक नर्स), अजय प्रताप सिंह ( केस रजिस्ट्री असिस्टेंट), वृद्धा आश्रम के मैनेजर श्री दिलीप द्विवेदी व अन्य कर्मचारियों के द्वारा मनाया गया।
डिमेंशिया के लक्षण :
रोजमर्रा की चीजों को भूल जाना, व्यवहार में परिवर्तन आना, रोज घटने वाली घटनाओं को भूल जाना, दैनिक कार्य न कर पाना आदि इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं । इसके चलते बातचीत करने में दिक्कत आती है या किसी भी विषय में प्रतिक्रिया देने में विलम्ब होता है । डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हाई कोलेस्ट्रोल, सिर की चोट, ब्रेन स्ट्रोक, एनीमिया और कुपोषण के अलावा नशे की लत होने के चलते भी इस बीमारी के चपेट में आने की सम्भावना रहती है ।
फोन मिलाएं – समस्या का समाधान पाएं :
अगर आप मानसिक तनाव या चिंता महसूस कर रहे हैं तो राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और स्नायु विज्ञान संस्थान (NIMHANS) के टोल फ्री नंबर- 080-46110007 पर कॉल करके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या का समाधान पा सकते हैं ।

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