स्वास्थ्य

आज से सात अगस्त तक मनाया जाएगा ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है – माँ दूध

आज से सात अगस्त तक मनाया जाएगा ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’
रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है – माँ दूध
• स्वस्थ समाज के लिए स्तनपान का संकल्प होगी इस बार की थीम ।

रिपोर्ट, दिनेश शर्मा न्यूज़ प्लस इन्डिया बहराइच मो,9648944666

•बहराइच, 31 जुलाई 2020 : कोविड- 19 संक्रमण काल मे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोग तरह तरह का उपाय अपना रहे हैं | कुछ लोग आयुर्वेद का सहारा ले रहें हैं और कुछ लोग अपना खान-पान बेहतर कर रहे हैं | ऐसे संकट काल मे जन्म लेने वाले शिशुओं के लिए माँ का दूध किसी वरदान से कम नहीं है । विशेषज्ञों का मानना है जन्म के एक घंटे के अंदर माँ का पहला पीला गाढ़ा दूध जिसे कोलस्ट्रम भी कहते हैं, शिशुओं मे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का सबसे उत्तम उपाय है ।
माँ का दूध शिशुओं के लिए सबसे अच्छा आहार माना जाता है । यह न केवल शिशुओं के सम्पूर्ण विकास मे सहायक है बल्कि कई रोगों से लड़ने मे मदद भी करता है । इसके महत्व को लोगों तक पहुँचाने के लिए समूचे विश्व मे हर साल एक अगस्त से सात अगस्त तक विश्व सतनपान सप्ताह मनाया जाता है । इस बार विश्व स्तनपान सप्ताह की ग्लोबल थीम “स्वस्थ समाज के लिए स्तनपान का संकल्प” रखी गई है | मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुरेश सिंह ने बताया कि जनपद में आगामी एक से सात अगस्त तक ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ मनाया जाएगा | इस दौरान स्वास्थ्य कर्मी एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सहयोग से अधिक से अधिक माताओं को स्तनपान कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा |
एक घंटे के अंदर कराएं स्तनपान, संक्रमण से भी बरतें सावधानी-
जिला महिला अस्पताल में तैनात नवजात शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ असद अली ने बताया शिशु को जन्म के एक घंटे के अंदर माँ का दूध पिलाएँ और पहले 6 माह तक सिर्फ स्तनपान कराएं, ऊपर से पानी भी न दें । उन्होने बताया यदि माँ कोरोना से संक्रमित है या उसकी संभावना है, तब भी माँ शिशु को स्तनपान करा सकती है | इस दौरान वह जब भी बच्चे के संपर्क में हों, तो मास्क पहनें । खांसते व छींकते समय मुंह को ढंक लें । बच्चे को अपना दूध पिलाने से पहले और बाद में अपने हाथों को साबुन-पानी से 40 सेकेंड तक धोयें । वहीं अगर बच्चा बीमार है या कोरोना से संक्रमित है और यदि वह दूध पी रहा है तो माँ को अवश्य शिशु को स्तनपान कराना चाहिए। वहीं अगर मां को बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ है, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें और उनके द्वारा बताई गई बातों का पालन करें ।
नेशनल फ़ैमिली हेल्थ सर्वे 2015-16 के अनुसार, जिले में तीन साल तक के 22.8 फ़ीसदी बच्चों को ही जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान कराया जाता है | वहीं 51 फ़ीसदी बच्चों को छः माह तक केवल स्तनपान कराया जाता है |

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