स्वास्थ्य

योगी सरकार में मूलभूत सुविधाओं को तरसता बहराइच मेडिकल कालेज

मेडिकल कालेज में विशेषज्ञ चिकित्सक व आधुनिक उपकरणों के अभाव में जिला अस्पताल से भी पीछे है स्वास्थ्य सेवाएं,,,

दिनेश शर्मा न्यूज़ प्लस इन्डिया बहराइच। मो,9648944666

उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच मेडिकल कालेज/जिला अस्पताल में प्रशासनिक व्यवस्था और हकीकत के दावों के बीच आम आदमी व मरीज गेंहू के घुन की तरह पिस रहा है।मेडिकल कालेज बनने के बाद भी स्वास्थ व्यवस्थाये खुद वेन्टीलेटर पर है।न तो किसी नए जाँच उपकरण की कोई व्यवस्था हुई है और न ही चिकित्सा सेवा में कोई सुधार होता नजर आ रहा है।

चलती चक्की देखकर दिया कबीरा रोय,,,,,,
दो पाटन के बीच मे साबुत बचा न कोय,,,,,,,
कबीरदास जी की ये पंक्तियां जिला अस्पताल से मेडीकल कालेज तक के परिवर्तन का सफर कर चुके राजकीय स्वशाषी चिकित्सा महाविद्यालय बहराइच के ऊपर सटीक बैठती है।लगभग एक वर्ष से अधिक समय पूरा कर चूके मेडिकल कालेज की व्यवस्थाये आज भी जिला चिकित्सालय से भी बदतर हो गयी है।गम्भीर रुप से चोट खाये हुए दुर्घटनाग्रस्त मरीजो के लिए सिटी स्केन की सुविधा नही है और न ही वेल्टीनेटर अभी तक मेडिकल कालेज में जगह पा सका है।यही नही चिकित्सा महाविद्यालय के स्तर की कोई भी सुविधाएं यहाँ मौजूद नही है।मरीजो को पैथोलॉजीकल टेस्ट व एमआरआई, इको कार्डियोग्राम, इंडोस्कोपी, डायलेसिस,अल्ट्रासोनोग्राफी, जैसी महत्वपूर्ण जांचों के लिए लखनऊ जाना पड़ता है। ऐसे में कैसे इसे एक स्तरीय चिकित्सा महाविद्यालय कहा जाए जब व्यवस्थाओ का स्तर जिला अस्पताल से भी गया गुजरा नजर आ रहा है। मूलभूत सुविधाओं को तरसते
मेडिकल कालेज में आम मरीज गेंहू में घुन की तरह पिस रहा है।यही नही मेडिकल कालेज में आधुनिक सुविधाएं व विशेषज्ञ चिकित्सको की तैनाती भी नही हुई है न तो कोई नेफ्रोलॉजिस्ट,है।और न ही ह्रदयघात, से तड़पते मरीजो को राहत देने के लिए कोई कार्डियोलॉजिस्ट तैनात किया गया है।मात्र जनरल फिजिशियन के सहारे पूरे मेडिकल कालेज की चिकित्सा व्यवस्था निर्भर है। जरा सी हालत गम्भीर होने पर बहराइच मेडिकल कालेज से लखनऊ मेडिकल कालेज रिफर किया जाता है।जो दोनों संस्थानो कि बराबरी का दर्जा देखते हुए हास्यास्पद लगता है।

बहराइच जनपद वासियों को लगभग एक साल पूर्व जिला अस्पताल से मेडिकल कालेज का दर्जा मिलने से बहराइच वासियों खुशी से फुले नही समा रहे थे।वही आज बेहतर इलाज की आशा लिए मरीज निराशा के भंवर में गोता खा रहे है।बहराइच जिला अस्पताल पूरे देवी पाटन मण्डल में उत्तम चिकित्सा के लिए प्रसिद्ध रहा है।यहाँ पर बेहतरीन इलाज के लिए जिले के अलावा श्रावस्ती गोण्डा, लखीमपुर,सीतापुर और पड़ोसी देश नेपाल से भरपूर संख्या में मरीजो का आना होता है।मेडिकल कालेज बनने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई है।
जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच ताल-मेल न होने से स्थितियां और बदतर हो रही है।जिला अस्पताल / मेडिकल कालेज में आये मरीजो को चिकित्सक जांच उपकरणों की कमी का हवाला देकर अपने हाथ खड़े कर लेते है या फिर निजी पैथालॉजी व जाँच सेंटरों पर भेज देते है।जहाँ मरीजो का जमकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है।योगी सरकार के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दावे आखिर कब तक जमीन पर हकीकत का रूप लेंगे या नही ये तो भविष्य की बात है।

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