भ्रष्टाचार

बहराइच में सिपाही के ऑडियो बम के बाद अब दारोगा का विडियो बम वायरल

बहराइच में सिपाही के ऑडियो बम के बाद अब दारोगा का विडियो बम वायरल।

रिपोर्ट, दिनेश शर्मा न्यूज़ प्लस इन्डिया ब्यूरो प्रभारी बहराइच मो,9451499527

बहराइच के  कोतवाली नानपारा क्षेत्र के राजाबाजार चौकी में अपराधी व पुलिस में चल रहा सौदेबाजी का खेल फिर भी सलाहकार साहब को बता रहे है आल इज वेलआप भी सुनिए बिना पुलिस के मिलीभगत से नही होता कोई अपराध पैसा लेकर स्मैक तक बिकवा रही पुलिस, सच बोलने वाले दरोगा जी पर अब गाज गिरना तय

बहराइच : गौर से सुनिए साहब पुलिस पैसा लेकर स्मैक बिकवा रही हैं, बिना पुलिस की मिलीभगत से नही होता कोई अपराध, दारोगा पैसा नही लेगा तो सिपाही लेगा पैसा, लेकिन मिलीभगत से ही होगा अपराध। ये हम नही कह रहे आपके मातहत ही कह रहे है,अगर ये हम आप कहते तो शायद खाकी की शान में गुस्ताखी होती, लेकिन ये सच स्वयं दारोगा जी बयां कर रहे है।

कोतवाली नानपारा क्षेत्र राजाबाजार चौकी पर तैनात दारोगा एके भदौरिया का वायरल हो रहा वीडियो किसी बम से कम नही है। इससे पहले रामगांव के सिपाही अरुण प्रताप सिंह ने महकमे की जमकर किरकिरी कराई थी। ये बात और है की दारोगा जी सच कहने का साहस दिखा रहे है और हो सकता है व्व लाइन हाजिर भी कर दिए जाएं , लेकिन लाइन हाजिर से सच नही दबेगा। फिलहाल थानों और कोतवाली की सच्चाई दारोगा जी ने तो स्वयं बया कर दी, लेकिन ईमानदार एसपी के सलाहकार उन्हें आल इज वेल का ही ख्वाब अब भी दिखा रहे है। शायद यही कारण है कि साहब के आस पास किसी निंदक को भटकने नही दिया जा रहा क्योंकि गलती से उसने सच का आईना दिखाया तो सलाहकार का महत्व भी न के बराबर हो जाएगा।

देखिए साहब ! ये हम नही कह रहे आपके राजा बाजार के चौकी इंचार्ज सच बया कर रहे है। यही हाल ज्यादातर थानों और चौकियों पर हो रहा है। जिससे फीलगुड का अहसास हुआ वो निर्दोष साबित हो जाता है और अगर फीलगुड कम हुवा तो वह जेल चला गया। निर्दोष हवालात की हवा खा जाते है और अपराधी थानों चौकी पर गप्पे लड़ाते हैं। साहब की ईमानदारी पर जिले के 36 लाख की जनता को गर्व है, लेकिन अधिनस्त लोग पर हम कैसे गर्व करें ये समझ मे नही आता। थानों के आगे लिखा है कि दलालों का प्रवेश वर्जित है, लेकिन ऐसे ही कमाऊपुत थाने के दुलारे भी है ये भी एक सच है। कुछ चौकी और थानों पर ऐसे ही कई और मामलों को भी जल्द उजागर किया जाएगा क्योंकि सच कहना तो हिम्मत का काम है , लेकिन सच को स्वीकार कर उसमें सुधार भी लाना भी बड़ी हिम्मत का काम है । साहब को गुमराह किये जाने के कई उदाहरण अब तक सामने आ चुके है, लेकिन साहब को सच्चाई से अवगत करा कर दोषियों पर कार्रवाई के एक उदाहरण भी सामने नकाही आए। फिलहाल सच बोलने की गुस्ताखी तो दारोगा जी कर गए और सच लिखने की हिमाकत हमनें कर दी हैं , साहब का क्या रियेक्सन आता है ये तो वक्त बताएगा लेकिन हम आपको ऐसी सच्चाई से अवगत कराते रहेंगे क्योंकि कुछ इस कदर वाकिफ है कलम मेरे जज्बात से, मैं प्यार लिखना चाहता हु और इंकलाब लिख जाता है।

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