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मुश्किल : 2 महीने में ही बजट टारगेट का 52% हुआ राजकोषीय घाटा

 

शुरुआती दो महीनों में राजकाषीय घाटा 3,66,157 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंचा ।

इस साल फरवरी में 2019-20 के लिए पेश अंतरिम बजट में राजकोषीय घाटे के 7.03 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान जाहिर किया था ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली सरकार को वित्त वर्ष 2019-20 की शुरुआत में ही तगड़ा झटका लगा है। दरअसल शुरुआती दो महीनों में सरकार का राजकाषीय घाटा 3,66,157 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया, जो सरकार के पूरे वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 52 फीसदी है। कंट्रोलर जनरल अकाउंट्स यानी सीजीए द्वारा शुक्रवार को जारी डाटा में ये बातें सामने आई हैं।

वित्त वर्ष के लिए 7.03 लाख करोड़ राजकोषीय घाटे का लक्ष्य

हालांकि, बीते साल यानी 2018-19 में इसी अवधि के दौरान राजकोषीय घाटा बजट अनुमान का 55.3 फीसदी रहा था। सरकार द्वारा इस साल फरवरी में 2019-20 के लिए पेश अंतरिम बजट में राजकोषीय घाटे के 7.03 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान जाहिर किया था। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3.4 फीसदी के स्तर पर रखने का लक्ष्य तय किया था, जो बीते वित्त वर्ष के समान ही है।

राजस्व प्राप्तियां रहीं 7.3 फीसदी

सीजीए के डाटा से पता चलता है कि अप्रैल-मई, 2019-20 के दौरान सरकार को राजस्व प्राप्तियां बजट अनुमान की तुलना में 7.3 फीसदी के स्तर पर रहीं। वहीं एक साल पहले समान अवधि के दौरान राजस्व प्राप्तियां इसी स्तर पर रही थीं।

पूंजी व्यय में भी कमी

हालांकि, पूंजी व्यय (capital expenditure) के मोर्चे पर भी राहत मिली जो घटकर बजट अनुमान का 14.2 फीसदी रह गया। वहीं एक साल पहले समान अवधि के दौरान यह आंकड़ा 21.3 फीसदी रहा था।
अप्रैल-मई के दौरान कुल खर्च 5.12 लाख करोड़ रुपए या बजट अनुमान का 18.4 फीसदी रहा था। वहीं बीते वित्त वर्ष में समान अवधि के दौरान यह आंकड़ा बजट अनुमान का 19.3 फीसदी रहा था।

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